केश
मेमोरी ( Cache Memory )
केश मेमोरी (Cache Memory), वह मेमोरी है जो की मेमोरी
प्रोसेसर स्पीड ‘मिस
मैच’ ( Mis Match
) को कम करने के लिए काम में आती है. केश मेमोरी CPU और मेन मेमोरी( Main Memory)
के बीच की एक बहुत तेज़ और सूक्ष्म मेमोरी होती है जिसका एक्सेस टाइम CPU की
प्रोसेसिंग स्पीड के पास में होता है. यह मेमोरी CPU और मेन मेमोरी के बीच में एक
हाई स्पीड बफर (High Speed Buffer) की तरह काम करती है और यह प्रोसेसिंग समय के
बहुत एक्टिव डाटा और निर्देशों को कुछ समय तक स्टोर करने के काम आती है क्योंकि
केश मेमोरी , मेन मेमोरी (Main Memory) से ज्यादा तेज़ है. इसलिए डाटा और निर्देशों
को केश में डालकर प्रोसेसिंग स्पीड को बढाया जा सकता है.
जैसा की हम जानते है की मेन मेमोरी काफी हद तक डिस्क प्रोसेसर
स्पीड ‘मिसमेच’ (Mis Match) को कम करती है
क्योंकि CPU के द्वारा डाटा लेने की रफ्तार हाई स्पीड सेकेंडरी स्टोरेज से 100
गुना ज्यादा होती है फिर भी मेन मेमोरी के साथ प्रोसेसर मेमोरी और मेमोरी के बीच
में एक से दस गुना स्पीड ‘मिसमेच’ (Mis Match) हो जाती है जितनी
स्पीड में CPU निर्देश को प्रोसेस कर सकता है इसका आशय है कि CPU की प्रोसेसिंग
स्पीड उसके डाटा लेने की स्पीड से दस गुना ज्यादा है. इसलिए कई स्तिथियों में
मेमोरी की धीमी गति के कारण प्रोसेस की कार्यक्षमता कम हो जाती है.
स्पष्ट रूप से , प्रोसेसर की कार्य क्षमता को मेमोरी प्रोसेसर ‘मिसमेच’ (Mis Match) को कम करके बढाया
जा सकता है जो की केश मेमोरी को काम लेकर किय जा सकता है.